Sponsored
  • मैं जीवन लिखूँ
    तो तुम अपना साथ समझना
    मैं सुकून लिखूँ
    तो अपने हाथों में मेरा हाथ समझना
    मैं रात लिखूँ
    तो तुम्हीं हो मेरा हर ख्वाब समझना
    मैं मोहब्बत लिखूँ
    तो तुम मेरे दिल पर अपना राज़ समझना l
    "मोरनी"
    मैं जीवन लिखूँ तो तुम अपना साथ समझना मैं सुकून लिखूँ तो अपने हाथों में मेरा हाथ समझना मैं रात लिखूँ तो तुम्हीं हो मेरा हर ख्वाब समझना मैं मोहब्बत लिखूँ तो तुम मेरे दिल पर अपना राज़ समझना l "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 391 Views
  • थोड़ी तो मर्यादा बनाये रखिए
    जीवन को सादा बनाये रखिए
    दुश्मन कम से कम और दोस्त
    ज्यादा से ज्यादा बनाये रखिए
    ज़िंदगी में आगे बढ़ना है तो
    थोड़ा सा ठहराव बनाये रखिए
    दिमाग़ से चाहे पैदल क्यों ना हों
    पर दिल तो शहजादा बनाये रखिए
    चाहे दुनिया बेवकूफ़ ही समझे
    ख़ुद को सीधा-सादा बनाये रखिए l
    "मोरनी"
    थोड़ी तो मर्यादा बनाये रखिए जीवन को सादा बनाये रखिए दुश्मन कम से कम और दोस्त ज्यादा से ज्यादा बनाये रखिए ज़िंदगी में आगे बढ़ना है तो थोड़ा सा ठहराव बनाये रखिए दिमाग़ से चाहे पैदल क्यों ना हों पर दिल तो शहजादा बनाये रखिए चाहे दुनिया बेवकूफ़ ही समझे ख़ुद को सीधा-सादा बनाये रखिए l "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 239 Views
  • 0 Comments 0 Shares 351 Views
  • You do not have permission to view this content
  • 0 Comments 0 Shares 566 Views
  • 0 Comments 0 Shares 567 Views
  • सफ़र गुज़र जाएगा
    एक दिन कुछ ना रहेगा
    ना तुम ना मैं
    बस एक कहानी रहेगी
    मेरी और तुम्हारी
    तो इस कहानी को
    थोड़ा शिद्दत से लिखना
    क्योंकि लोग पढ़े भी तो
    महसूस करें हम दोनों को
    हमारे जाने के बाद भी
    लिखना वो खूबसूरत भूरी आँखें
    वो घुंघराले बाल वो मतवाली चाल
    और वो बला की खूबसूरत मुस्कान
    लिखना वो मेरा इंतज़ार करना
    और तुम्हारा देर से आना
    मेरा रूठना और तुम्हारा मनाना
    वो प्यार वो मनुहार
    हरपल तुम्हें चाहने की चाहत
    लिखना तुम ज़िंदगी को
    एक ख़ूबसूरत लम्हे में
    ताकि हम रहें लोगों की
    जुबां पर और उनके दिल में ll
    "मोरनी"

    सफ़र गुज़र जाएगा एक दिन कुछ ना रहेगा ना तुम ना मैं बस एक कहानी रहेगी मेरी और तुम्हारी तो इस कहानी को थोड़ा शिद्दत से लिखना क्योंकि लोग पढ़े भी तो महसूस करें हम दोनों को हमारे जाने के बाद भी लिखना वो खूबसूरत भूरी आँखें वो घुंघराले बाल वो मतवाली चाल और वो बला की खूबसूरत मुस्कान लिखना वो मेरा इंतज़ार करना और तुम्हारा देर से आना मेरा रूठना और तुम्हारा मनाना वो प्यार वो मनुहार हरपल तुम्हें चाहने की चाहत लिखना तुम ज़िंदगी को एक ख़ूबसूरत लम्हे में ताकि हम रहें लोगों की जुबां पर और उनके दिल में ll "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 506 Views
  • मैं शहर का शोर शराबा
    तुम गांव से शांत प्रिये
    मैं उलझा हुआ सा ख्वाब कोई
    तुम सुलझी हुई सी बात प्रिये
    मैं दोपहर की चिकचिक
    तुम सुकून भरी सी सुबह प्रिये
    मैं दूरियों का पैमाना
    तुम हसीन मुलाकात प्रिये
    मैं बिखरा हुआ सा ज़वाब तेरा
    तू सिमटा हुआ सवाल प्रिये
    मैं थोड़ी अलग इस दुनिया से
    मग़र मिलते हैं तुझसे ख़यालात प्रिये l
    "मोरनी"
    मैं शहर का शोर शराबा तुम गांव से शांत प्रिये मैं उलझा हुआ सा ख्वाब कोई तुम सुलझी हुई सी बात प्रिये मैं दोपहर की चिकचिक तुम सुकून भरी सी सुबह प्रिये मैं दूरियों का पैमाना तुम हसीन मुलाकात प्रिये मैं बिखरा हुआ सा ज़वाब तेरा तू सिमटा हुआ सवाल प्रिये मैं थोड़ी अलग इस दुनिया से मग़र मिलते हैं तुझसे ख़यालात प्रिये l "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 411 Views
  • शब्द मेरे ये पंछी बनकर
    इस नभ को छू लें आज
    बंधन सारे छोड़कर पिछे
    खुद को एक विस्तार दें आज
    काग़ज़ से चुपचाप उठकर
    अर्थों को पंख लगाएं आज
    अक्षर सभी फ़िर साँसें बनकर
    अनदेखे जहां तक जाएँ आज
    जो कह ना पाऊँ वो उङ जाय
    नीलाम्बर में खोकर आज
    मेरे होने का एहसास दे
    तुम्हारे मन को छू कर आज
    ना रुके ये ना ही थम पायें
    बस अर्थों में ढलते जाएँ आज
    शब्द नहीं ये पंख मेरे हैं
    मुझको भी साथ उड़ायें आज l
    "मोरनी"
    शब्द मेरे ये पंछी बनकर इस नभ को छू लें आज बंधन सारे छोड़कर पिछे खुद को एक विस्तार दें आज काग़ज़ से चुपचाप उठकर अर्थों को पंख लगाएं आज अक्षर सभी फ़िर साँसें बनकर अनदेखे जहां तक जाएँ आज जो कह ना पाऊँ वो उङ जाय नीलाम्बर में खोकर आज मेरे होने का एहसास दे तुम्हारे मन को छू कर आज ना रुके ये ना ही थम पायें बस अर्थों में ढलते जाएँ आज शब्द नहीं ये पंख मेरे हैं मुझको भी साथ उड़ायें आज l "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 260 Views
Sponsored