कुछ ख़ामोशियां शब्दों से ज्यादा बोल जाती हैं,
मन और मौन पढ़ना हर कोई नहीं जानता l
खटखटाते पुकारते हुए ख्वाहिशें आ ही जाती हैं,
रूह को सुनना हर कोई नहीं जानता l
दूसरों पर तो दुनिया बहुत कुछ लिख जाती है,
दिल के राज लिखना कोई नहीं चाहता l
"मोरनी"
कुछ ख़ामोशियां शब्दों से ज्यादा बोल जाती हैं,
मन और मौन पढ़ना हर कोई नहीं जानता l
खटखटाते पुकारते हुए ख्वाहिशें आ ही जाती हैं,
रूह को सुनना हर कोई नहीं जानता l
दूसरों पर तो दुनिया बहुत कुछ लिख जाती है,
दिल के राज लिखना कोई नहीं चाहता l
"मोरनी"