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नीड़ को ज्यों लौटें खग - विहग
हर दिन ढ़लती सुरमई शाम...

समेट उलझे मोह के धागे विस्तृत सारे
बटोही..चेत अब ..जाना है निज धाम...

कर्म ही पूजा.. कर्म जब हों सभी निष्काम...
समर्पित गुण-अवगुण मेरे, तुझको मेरे राम !

व्यर्थ चिंतन तज मन मेरे, श्रद्धा का दामन थाम...
कर्ता - कारणहार वही है..तेरा तो बस नाम !
"मोरनी"
नीड़ को ज्यों लौटें खग - विहग हर दिन ढ़लती सुरमई शाम... समेट उलझे मोह के धागे विस्तृत सारे बटोही..चेत अब ..जाना है निज धाम... कर्म ही पूजा.. कर्म जब हों सभी निष्काम... समर्पित गुण-अवगुण मेरे, तुझको मेरे राम ! व्यर्थ चिंतन तज मन मेरे, श्रद्धा का दामन थाम... कर्ता - कारणहार वही है..तेरा तो बस नाम ! "मोरनी"
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  • इन दिनों मैं कुछ बदल रही हूँ
    मालूम नहीं कहाँ जाना है
    पर चल रही हूँ
    एक रास्ता जो तेरी छांव से दूर जाता है
    उसपे तपता सूरज है गरम रेत है
    और जल रही हूँ
    पर मैं चल रही हूँ
    तुझसे दूर निकल रही हूँ
    मैं तुझसे दूर निकल रही हूँ l
    "मोरनी"
    इन दिनों मैं कुछ बदल रही हूँ मालूम नहीं कहाँ जाना है पर चल रही हूँ एक रास्ता जो तेरी छांव से दूर जाता है उसपे तपता सूरज है गरम रेत है और जल रही हूँ पर मैं चल रही हूँ तुझसे दूर निकल रही हूँ मैं तुझसे दूर निकल रही हूँ l "मोरनी"
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  • कान्हा...
    क्यों चुंधिया जाती है मेरी नज़र
    सूरज तो नहीं हो तुम!

    क्यों शीतल हो जाता है मेरा मन
    चाँद तो नहीं हो तुम!

    क्यों चली आती है हंसी की लहर
    सागर तो नहीं हो तुम!

    क्यों असीम आनंद भर जाता है हृदय में
    आकाश तो नहीं हो तुम!

    क्यों इंतज़ार रहता है मुझे हर पल तुम्हारा
    मेरे तो नहीं हो तुम!!
    "मोरनी"
    कान्हा... क्यों चुंधिया जाती है मेरी नज़र सूरज तो नहीं हो तुम! क्यों शीतल हो जाता है मेरा मन चाँद तो नहीं हो तुम! क्यों चली आती है हंसी की लहर सागर तो नहीं हो तुम! क्यों असीम आनंद भर जाता है हृदय में आकाश तो नहीं हो तुम! क्यों इंतज़ार रहता है मुझे हर पल तुम्हारा मेरे तो नहीं हो तुम!! "मोरनी"
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  • In English i say...I love you.
    But in ਪੰਜਾਬੀ i say...
    ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਨਾਲ ਟਕਰਾੰ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਦੇ ਜੁੜ ਬਣਦੇ ਉਹਨਾਂ ਅੱਖਰਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਤੇਰੇ ਪੈਰ ਨੂੰ ਛੁ ਗਈ ਜਿਹੜੀ ਉਹਨਾਂ ਆਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਜਿਹੜੇ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿਚ ਨੇ ਖਵਾਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਜਿਹੜੀ ਤੈਨੂੰ ਤੱਕ ਕੇ ਬੁਝਈ ਉਹਨਾਂ ਪਿਆਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਜੋ ਤੈਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਾਂ ਐਹਸਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਤੇ ਜਿਹਦੇ ਵਿਚ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਮੰਗਾਂ ਅਰਦਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ l
    "ਮੋਰਨੀ"
    In English i say...I love you. But in ਪੰਜਾਬੀ i say... ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਨਾਲ ਟਕਰਾੰ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਦੇ ਜੁੜ ਬਣਦੇ ਉਹਨਾਂ ਅੱਖਰਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਤੇਰੇ ਪੈਰ ਨੂੰ ਛੁ ਗਈ ਜਿਹੜੀ ਉਹਨਾਂ ਆਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਜਿਹੜੇ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿਚ ਨੇ ਖਵਾਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਤੈਨੂੰ ਤੱਕ ਕੇ ਬੁਝਈ ਉਹਨਾਂ ਪਿਆਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਜੋ ਤੈਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਾਂ ਐਹਸਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਤੇ ਜਿਹਦੇ ਵਿਚ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਮੰਗਾਂ ਅਰਦਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ l "ਮੋਰਨੀ"
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  • शब्द मेरे ये पंछी बनकर
    इस नभ को छू लें आज
    बंधन सारे छोड़कर पिछे
    खुद को एक विस्तार दें आज
    काग़ज़ से चुपचाप उठकर
    अर्थों को पंख लगाएं आज
    अक्षर सभी फ़िर साँसें बनकर
    अनदेखे जहां तक जाएँ आज
    जो कह ना पाऊँ वो उङ जाय
    नीलाम्बर में खोकर आज
    मेरे होने का एहसास दे
    तुम्हारे मन को छू कर आज
    ना रुके ये ना ही थम पायें
    बस अर्थों में ढलते जाएँ आज
    शब्द नहीं ये पंख मेरे हैं
    मुझको भी साथ उड़ायें आज l
    "मोरनी"
    शब्द मेरे ये पंछी बनकर इस नभ को छू लें आज बंधन सारे छोड़कर पिछे खुद को एक विस्तार दें आज काग़ज़ से चुपचाप उठकर अर्थों को पंख लगाएं आज अक्षर सभी फ़िर साँसें बनकर अनदेखे जहां तक जाएँ आज जो कह ना पाऊँ वो उङ जाय नीलाम्बर में खोकर आज मेरे होने का एहसास दे तुम्हारे मन को छू कर आज ना रुके ये ना ही थम पायें बस अर्थों में ढलते जाएँ आज शब्द नहीं ये पंख मेरे हैं मुझको भी साथ उड़ायें आज l "मोरनी"
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