Sponsored
किसी पुरुष का प्रेम पा लेना
निःसंदेह सौभाग्य है
पर उसके हृदय में
वह एकमात्र स्त्री बन जाना
जिसके आगे उसकी सारी चाहतें
सारी तलाशें और सारी बेचैनियां
आकर ठहर जाएँ
जहाँ उसके मन को
किसी और को देखने की ज़रूरत ही ना रहे
और उसकी आत्मा को सुकून
केवल तुम्हारे होने से मिले
शायद प्रेम में इससे बड़ी
सौभाग्य की बुलंदी क्या ही होगी l
"मोरनी"
किसी पुरुष का प्रेम पा लेना निःसंदेह सौभाग्य है पर उसके हृदय में वह एकमात्र स्त्री बन जाना जिसके आगे उसकी सारी चाहतें सारी तलाशें और सारी बेचैनियां आकर ठहर जाएँ जहाँ उसके मन को किसी और को देखने की ज़रूरत ही ना रहे और उसकी आत्मा को सुकून केवल तुम्हारे होने से मिले शायद प्रेम में इससे बड़ी सौभाग्य की बुलंदी क्या ही होगी l "मोरनी"
0 Comments 0 Shares 88 Views
Sponsored