Sponsored
Promoted Posts
ज़िन्दगी में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं,
जिनके लिए आप पहले से तैयार नहीं हो सकते।
आखिर में हम जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं,
हमें लोगों को सीखते रहना पड़ता है।

- नमिता गोखले कलमशाला
ज़िन्दगी में कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं, जिनके लिए आप पहले से तैयार नहीं हो सकते। आखिर में हम जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं, हमें लोगों को सीखते रहना पड़ता है। - नमिता गोखले कलमशाला
Like
Love
5
0 Comments 0 Shares 2K Views
  • बड़े बुजुर्गों से सीखा है
    मैंने तजुर्बों से सीखा है
    अंत में यहीं छोड़ना पड़ता है
    खाली हाथ लिए मुर्दों से सीखा है
    शरीर रूपी मशीन का क्या भरोसा
    टूटते हुए कलपुर्जों से सीखा है
    अच्छे लोगों से सब सीखते हैं
    मैंने तो सब बुरों से सीखा है
    दिमाग वाले सब दगाबाज़ हैं
    मैंने प्रेम करना बच्चों से सीखा है l
    "मोरनी"
    बड़े बुजुर्गों से सीखा है मैंने तजुर्बों से सीखा है अंत में यहीं छोड़ना पड़ता है खाली हाथ लिए मुर्दों से सीखा है शरीर रूपी मशीन का क्या भरोसा टूटते हुए कलपुर्जों से सीखा है अच्छे लोगों से सब सीखते हैं मैंने तो सब बुरों से सीखा है दिमाग वाले सब दगाबाज़ हैं मैंने प्रेम करना बच्चों से सीखा है l "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 167 Views
  • इन दिनों मैं कुछ बदल रही हूँ
    मालूम नहीं कहाँ जाना है
    पर चल रही हूँ
    एक रास्ता जो तेरी छांव से दूर जाता है
    उसपे तपता सूरज है गरम रेत है
    और जल रही हूँ
    पर मैं चल रही हूँ
    तुझसे दूर निकल रही हूँ
    मैं तुझसे दूर निकल रही हूँ l
    "मोरनी"
    इन दिनों मैं कुछ बदल रही हूँ मालूम नहीं कहाँ जाना है पर चल रही हूँ एक रास्ता जो तेरी छांव से दूर जाता है उसपे तपता सूरज है गरम रेत है और जल रही हूँ पर मैं चल रही हूँ तुझसे दूर निकल रही हूँ मैं तुझसे दूर निकल रही हूँ l "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 485 Views
  • कान्हा...
    क्यों चुंधिया जाती है मेरी नज़र
    सूरज तो नहीं हो तुम!

    क्यों शीतल हो जाता है मेरा मन
    चाँद तो नहीं हो तुम!

    क्यों चली आती है हंसी की लहर
    सागर तो नहीं हो तुम!

    क्यों असीम आनंद भर जाता है हृदय में
    आकाश तो नहीं हो तुम!

    क्यों इंतज़ार रहता है मुझे हर पल तुम्हारा
    मेरे तो नहीं हो तुम!!
    "मोरनी"
    कान्हा... क्यों चुंधिया जाती है मेरी नज़र सूरज तो नहीं हो तुम! क्यों शीतल हो जाता है मेरा मन चाँद तो नहीं हो तुम! क्यों चली आती है हंसी की लहर सागर तो नहीं हो तुम! क्यों असीम आनंद भर जाता है हृदय में आकाश तो नहीं हो तुम! क्यों इंतज़ार रहता है मुझे हर पल तुम्हारा मेरे तो नहीं हो तुम!! "मोरनी"
    0 Comments 0 Shares 760 Views
  • In English i say...I love you.
    But in ਪੰਜਾਬੀ i say...
    ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਨਾਲ ਟਕਰਾੰ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਦੇ ਜੁੜ ਬਣਦੇ ਉਹਨਾਂ ਅੱਖਰਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਤੇਰੇ ਪੈਰ ਨੂੰ ਛੁ ਗਈ ਜਿਹੜੀ ਉਹਨਾਂ ਆਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਜਿਹੜੇ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿਚ ਨੇ ਖਵਾਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਜਿਹੜੀ ਤੈਨੂੰ ਤੱਕ ਕੇ ਬੁਝਈ ਉਹਨਾਂ ਪਿਆਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਜੋ ਤੈਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਾਂ ਐਹਸਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ
    ਤੇ ਜਿਹਦੇ ਵਿਚ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਮੰਗਾਂ ਅਰਦਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ l
    "ਮੋਰਨੀ"
    In English i say...I love you. But in ਪੰਜਾਬੀ i say... ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਨਾਲ ਟਕਰਾੰ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਤੇਰੇ ਨਾਂ ਦੇ ਜੁੜ ਬਣਦੇ ਉਹਨਾਂ ਅੱਖਰਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਤੇਰੇ ਪੈਰ ਨੂੰ ਛੁ ਗਈ ਜਿਹੜੀ ਉਹਨਾਂ ਆਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਜਿਹੜੇ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿਚ ਨੇ ਖਵਾਬਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਤੈਨੂੰ ਤੱਕ ਕੇ ਬੁਝਈ ਉਹਨਾਂ ਪਿਆਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਜੋ ਤੈਨੂੰ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਾਂ ਐਹਸਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ ਤੇ ਜਿਹਦੇ ਵਿਚ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ ਮੰਗਾਂ ਅਰਦਾਸਾਂ ਨਾਲ ਮੁਹੱਬਤ ਹੈ l "ਮੋਰਨੀ"
    0 Comments 0 Shares 840 Views
  • Love
    1
    0 Comments 0 Shares 966 Views
  • Love
    1
    0 Comments 0 Shares 985 Views
More Stories
Sponsored