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बेशक रात अंधेरी है
रातों की वो पहरी है
मैं टूटा तारा ढूंढ रही हूँ
अधूरी ख़्वाहिश मेरी है
चाँद साथ हो तो बात बने
एक बात लबों पर ठहरी है
कौन समझे दुःख दर्द मेरे
दुनिया तो अंधी बहरी है
तन्हाई मेरी सहेली है
महफ़िल मेरी बैरी है l
"मोरनी"
बेशक रात अंधेरी है रातों की वो पहरी है मैं टूटा तारा ढूंढ रही हूँ अधूरी ख़्वाहिश मेरी है चाँद साथ हो तो बात बने एक बात लबों पर ठहरी है कौन समझे दुःख दर्द मेरे दुनिया तो अंधी बहरी है तन्हाई मेरी सहेली है महफ़िल मेरी बैरी है l "मोरनी"
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