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कभी कभी सोचती हूँ मैं
किताबें पढ़ना ज्यादा अच्छा लगता है
या उन्हें मेज पर सजा कर रखना,
कुछ किताबें तो ऐसी हैं
जो एक बार में पूरी पढ़ ली
कुछ ऐसी हैं जो रख ली
ताकि जब मन उदास हो तो उन्हें खोलूं,
क्योंकि मुझे कहानियां पढ़ना पसन्द ही नहीं
बल्कि उनको पास रखना भी पसन्द है l
ज़रूरी नहीं उनको उसी वक़्त पढ़ूं
कुछ को दिल के पास रखती हूँ
मैं किताबें खरीदती नहीं बल्कि
उनकी एक दुनिया बसाती हूँ l
"मोरनी"
कभी कभी सोचती हूँ मैं किताबें पढ़ना ज्यादा अच्छा लगता है या उन्हें मेज पर सजा कर रखना, कुछ किताबें तो ऐसी हैं जो एक बार में पूरी पढ़ ली कुछ ऐसी हैं जो रख ली ताकि जब मन उदास हो तो उन्हें खोलूं, क्योंकि मुझे कहानियां पढ़ना पसन्द ही नहीं बल्कि उनको पास रखना भी पसन्द है l ज़रूरी नहीं उनको उसी वक़्त पढ़ूं कुछ को दिल के पास रखती हूँ मैं किताबें खरीदती नहीं बल्कि उनकी एक दुनिया बसाती हूँ l "मोरनी"
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