Sponsored
इन दिनों मैं कुछ बदल रही हूँ
मालूम नहीं कहाँ जाना है
पर चल रही हूँ
एक रास्ता जो तेरी छांव से दूर जाता है
उसपे तपता सूरज है गरम रेत है
और जल रही हूँ
पर मैं चल रही हूँ
तुझसे दूर निकल रही हूँ
मैं तुझसे दूर निकल रही हूँ l
"मोरनी"
इन दिनों मैं कुछ बदल रही हूँ मालूम नहीं कहाँ जाना है पर चल रही हूँ एक रास्ता जो तेरी छांव से दूर जाता है उसपे तपता सूरज है गरम रेत है और जल रही हूँ पर मैं चल रही हूँ तुझसे दूर निकल रही हूँ मैं तुझसे दूर निकल रही हूँ l "मोरनी"
0 Comments 0 Shares 1K Views
Sponsored