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थोड़ा सोचूँ फ़िर एक बात लिखूँ
ज़ज्बात लिखूँ या हालात लिखूँ
तेरे इश्क़ को अपने साथ लिखूँ
या मेरे हाथों में तेरा हाथ लिखूँ
तुझे देखूँ फ़िर तेरी बात लिखूँ
तारीफ़ लिखूँ या फ़रियाद लिखूँ
तेरे पिछे ख़ुद को आबाद लिखूँ
या तन्हाई में खुद को बर्बाद लिखूँ
तुझे दिन या ख़ुद को रात लिखूँ
बता आज कौनसी बात लिखूँ l
"मोरनी"
थोड़ा सोचूँ फ़िर एक बात लिखूँ ज़ज्बात लिखूँ या हालात लिखूँ तेरे इश्क़ को अपने साथ लिखूँ या मेरे हाथों में तेरा हाथ लिखूँ तुझे देखूँ फ़िर तेरी बात लिखूँ तारीफ़ लिखूँ या फ़रियाद लिखूँ तेरे पिछे ख़ुद को आबाद लिखूँ या तन्हाई में खुद को बर्बाद लिखूँ तुझे दिन या ख़ुद को रात लिखूँ बता आज कौनसी बात लिखूँ l "मोरनी"
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