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निकाल वक़्त इस ज़माने से
आजा मिलते हैं किसी बहाने से
वेद तो दुनिया पढ़ती है
आजा वेदना पढ़ते हैं इस बहाने से
फंस गए हैं जिंदगी के कुरुक्षेत्र में
आजा मैदान में आते हैं इक बहाने से
टेंशन ले ले कर थक गए हैं
आजा दुःखी शक़्ल पर ख़ुशी सजाते हैं इस बहाने से l
"मोरनी"
निकाल वक़्त इस ज़माने से आजा मिलते हैं किसी बहाने से वेद तो दुनिया पढ़ती है आजा वेदना पढ़ते हैं इस बहाने से फंस गए हैं जिंदगी के कुरुक्षेत्र में आजा मैदान में आते हैं इक बहाने से टेंशन ले ले कर थक गए हैं आजा दुःखी शक़्ल पर ख़ुशी सजाते हैं इस बहाने से l "मोरनी"
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