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सपनों की ख़ातिर अपनों को छोड़ना ही होगा
तुम्हें अगर उड़ान भरनी है
तो पिंजरों को तोड़ना ही होगा
यहां कोई नहीं ऐसा जिसे आराम से सब मिल गया
सोना तभी निखरा जब जब आग में तपा
तुम भी उसी रास्ते का हिस्सा हो
तो खूब तपो प्यारे बच्चों
ताकि तुम्हारे पास भी कल को बताने को किस्सा हो l
"मोरनी"
सपनों की ख़ातिर अपनों को छोड़ना ही होगा तुम्हें अगर उड़ान भरनी है तो पिंजरों को तोड़ना ही होगा यहां कोई नहीं ऐसा जिसे आराम से सब मिल गया सोना तभी निखरा जब जब आग में तपा तुम भी उसी रास्ते का हिस्सा हो तो खूब तपो प्यारे बच्चों ताकि तुम्हारे पास भी कल को बताने को किस्सा हो l "मोरनी"
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