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हम नये शहर में यादें पुरानी लिए बैठे हैं
कुछ बिसरी बातें जुबानी लिए बैठे हैं
चेहरे पर दर्द ओ गम की शिकन सी
इन आँखों में हल्का सा पानी लिए बैठे हैं
हर लम्हा बस उन्हीं चेहरों का तसव्वुर
ये दिल दिमाग जिद्द बचकानी लिए बैठे हैं
कई साल संग में रहे वो हमसफ़र
और हम सालों को अब तक लिए बैठे हैं
मेरे फसाने का ना पूछो तो अच्छा है
हम तो ये सारी आफतें बेगानी लिए बैठे हैं l
"मोरनी"
हम नये शहर में यादें पुरानी लिए बैठे हैं कुछ बिसरी बातें जुबानी लिए बैठे हैं चेहरे पर दर्द ओ गम की शिकन सी इन आँखों में हल्का सा पानी लिए बैठे हैं हर लम्हा बस उन्हीं चेहरों का तसव्वुर ये दिल दिमाग जिद्द बचकानी लिए बैठे हैं कई साल संग में रहे वो हमसफ़र और हम सालों को अब तक लिए बैठे हैं मेरे फसाने का ना पूछो तो अच्छा है हम तो ये सारी आफतें बेगानी लिए बैठे हैं l "मोरनी"
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