जाग गया कोई दिल में उजाले सा
वैसे तो अभी बहुत रात बाकी है
यूँ तो मिलता है ख्यालों में मुझसे
रूबरू अभी मुलाकात बाकी है
बादल छाए हैं दिल में अरसे से
आँखों से अभी बरसात बाकी है
मिला है मुक्कदस(पवित्र)सा मुक्कदर
गम की मगर सौगात बाकी है
जिंदा रहें उसके वजूद में बस
कुदरत की यही करामात बाकी है
कहानी तो मुक्कमल हो ही गई
छोटी सी मगर कोई बात बाकी है
कसैला सा धुआं फैला है मन में
मीठा सा कोई ज़ज्बात बाकी है....
"मोरनी"
वैसे तो अभी बहुत रात बाकी है
यूँ तो मिलता है ख्यालों में मुझसे
रूबरू अभी मुलाकात बाकी है
बादल छाए हैं दिल में अरसे से
आँखों से अभी बरसात बाकी है
मिला है मुक्कदस(पवित्र)सा मुक्कदर
गम की मगर सौगात बाकी है
जिंदा रहें उसके वजूद में बस
कुदरत की यही करामात बाकी है
कहानी तो मुक्कमल हो ही गई
छोटी सी मगर कोई बात बाकी है
कसैला सा धुआं फैला है मन में
मीठा सा कोई ज़ज्बात बाकी है....
"मोरनी"
जाग गया कोई दिल में उजाले सा
वैसे तो अभी बहुत रात बाकी है
यूँ तो मिलता है ख्यालों में मुझसे
रूबरू अभी मुलाकात बाकी है
बादल छाए हैं दिल में अरसे से
आँखों से अभी बरसात बाकी है
मिला है मुक्कदस(पवित्र)सा मुक्कदर
गम की मगर सौगात बाकी है
जिंदा रहें उसके वजूद में बस
कुदरत की यही करामात बाकी है
कहानी तो मुक्कमल हो ही गई
छोटी सी मगर कोई बात बाकी है
कसैला सा धुआं फैला है मन में
मीठा सा कोई ज़ज्बात बाकी है....
"मोरनी"
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