Sponsored
कोई ऐसी दुनिया हो जहां ये दुनिया ना हो
ना शोर ए ज़माना ना चेहरे के पीछे चेहरा
ना बातों में ज़हर ना मुस्कुराहटों में दग़ा
जहाँ दिल धङके बस जीने के लिए
ना टूटने के लिए ना किसी और के लिए
जहां मुहब्बत वादा ना हो
बस एक खामोश यकीं हो
तुम हो मैं हूँ और चाय की दो प्याली हों
कुछ ऐसी दुनिया हो l
"मोरनी"
कोई ऐसी दुनिया हो जहां ये दुनिया ना हो ना शोर ए ज़माना ना चेहरे के पीछे चेहरा ना बातों में ज़हर ना मुस्कुराहटों में दग़ा जहाँ दिल धङके बस जीने के लिए ना टूटने के लिए ना किसी और के लिए जहां मुहब्बत वादा ना हो बस एक खामोश यकीं हो तुम हो मैं हूँ और चाय की दो प्याली हों कुछ ऐसी दुनिया हो l "मोरनी"
0 Comments 0 Shares 118 Views
Sponsored