जब कुछ ना कहने का मन करे
तो तुम बैठ जाना मेरे पास चुपचाप
किताबों की शौकिन मैं
खामोशी से परेशान नहीं होती
फ़िर पढ़ना ये आंखें
जो किताबों में तुम्हें ही तो ढूँढती हैं
तुम्हें इनमें दिखेंगी कई हसरतें
दिखेंगे कुछ अधूरे अल्फाज़
"मोरनी"
तो तुम बैठ जाना मेरे पास चुपचाप
किताबों की शौकिन मैं
खामोशी से परेशान नहीं होती
फ़िर पढ़ना ये आंखें
जो किताबों में तुम्हें ही तो ढूँढती हैं
तुम्हें इनमें दिखेंगी कई हसरतें
दिखेंगे कुछ अधूरे अल्फाज़
"मोरनी"
जब कुछ ना कहने का मन करे
तो तुम बैठ जाना मेरे पास चुपचाप
किताबों की शौकिन मैं
खामोशी से परेशान नहीं होती
फ़िर पढ़ना ये आंखें
जो किताबों में तुम्हें ही तो ढूँढती हैं
तुम्हें इनमें दिखेंगी कई हसरतें
दिखेंगे कुछ अधूरे अल्फाज़
"मोरनी"
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