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चलो...
आज थोड़ी बात करते हैं
जो छूट गया है पिछे
उससे मुलाक़ात करते हैं
ख्वाहिशें जो बचपन में पाली थीं
आज उनको फिर से दोहराते हैं
कोई कहता मैं बनूँगा डॉक्टर
कोई इंजीनियर बनना चाहता था
कोई कहता मैं तो बनूँगा DC
कोई मास्टर बनना चाहता था
बनकर एक अध्यापक अब
तुमको वो याद दिलाते हैं
जो रह गयीं अधूरी चाहतें अब
उनको पूरा करवाते हैं
माना कि सबकुछ हासिल हो नहीं सकता
पर कोशिश तो करके जाते हैं
चलो अब इन्हीं तमन्नाओं संग
सपनों को पूरा करते हैं l
"मोरनी"

चलो... आज थोड़ी बात करते हैं जो छूट गया है पिछे उससे मुलाक़ात करते हैं ख्वाहिशें जो बचपन में पाली थीं आज उनको फिर से दोहराते हैं कोई कहता मैं बनूँगा डॉक्टर कोई इंजीनियर बनना चाहता था कोई कहता मैं तो बनूँगा DC कोई मास्टर बनना चाहता था बनकर एक अध्यापक अब तुमको वो याद दिलाते हैं जो रह गयीं अधूरी चाहतें अब उनको पूरा करवाते हैं माना कि सबकुछ हासिल हो नहीं सकता पर कोशिश तो करके जाते हैं चलो अब इन्हीं तमन्नाओं संग सपनों को पूरा करते हैं l "मोरनी"
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