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जो बीत गयी सो बीत गयी
जीवन की नयी कहानी अब
काम की डायरी बंद हुई
एक नयी किताब खुली है अब
सालों की मेहनत पसीने की खुशबु
सम्मान बनकर महकी है अब
स्कूल की भागमभाग नहीं
एक चाय इत्मिनान की अब
कल तक जो शख्स सबका था
ग़ुरूर से खुद का हो गया अब
सपनों को फिर से जीने को
एक नया सफ़र शुरू हो गया अब
किया कर्म पूरा मुस्कान के साथ
जिंदगी को खुलकर गुनगुनाना है अब l
"मोरनी"

For a colleague's retirement 🙏🏻

जो बीत गयी सो बीत गयी जीवन की नयी कहानी अब काम की डायरी बंद हुई एक नयी किताब खुली है अब सालों की मेहनत पसीने की खुशबु सम्मान बनकर महकी है अब स्कूल की भागमभाग नहीं एक चाय इत्मिनान की अब कल तक जो शख्स सबका था ग़ुरूर से खुद का हो गया अब सपनों को फिर से जीने को एक नया सफ़र शुरू हो गया अब किया कर्म पूरा मुस्कान के साथ जिंदगी को खुलकर गुनगुनाना है अब l "मोरनी" For a colleague's retirement 🙏🏻
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