Sponsored
मैं जब अकेले बैठती हूँ
मैं अकेले नहीं बैठती हूँ
मेरे साथ बैठ जाता है
अक्सर मेरा साया
जो करता है ढेरों सवाल
सवाल मेरे होने का
सवाल मेरे न होने का
कौन हूँ मैं, क्या हूँ मैं
कहां से आई हूँ , कहां हूँ मैं
कहां गया मेरा बचपन
कहां मेरी जवानी जा रही
कब तक जिंदा हूँ यहां
क्यों मौत करीब आ रही
मेरे पास जवाब नहीं होते
उलझ जाती हूँ सवालों में
फ़िर घंटो बैठी रहती हूँ
अपने ही अन्तर ख्यालों में
जब ख्यालों से बाहर आती हूँ
पास अपने वही साया पाती हूँ l
"मोरनी"


मैं जब अकेले बैठती हूँ मैं अकेले नहीं बैठती हूँ मेरे साथ बैठ जाता है अक्सर मेरा साया जो करता है ढेरों सवाल सवाल मेरे होने का सवाल मेरे न होने का कौन हूँ मैं, क्या हूँ मैं कहां से आई हूँ , कहां हूँ मैं कहां गया मेरा बचपन कहां मेरी जवानी जा रही कब तक जिंदा हूँ यहां क्यों मौत करीब आ रही मेरे पास जवाब नहीं होते उलझ जाती हूँ सवालों में फ़िर घंटो बैठी रहती हूँ अपने ही अन्तर ख्यालों में जब ख्यालों से बाहर आती हूँ पास अपने वही साया पाती हूँ l "मोरनी"
Like
Love
2
0 Comments 0 Shares 175 Views
Sponsored