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चलो आज अपनी कहानी सुनाती हूँ
कैसी हूँ मैं ये तुम्हें बताती हूँ?
गुस्सा ज़रा ज्यादा करती हूँ पर प्यार भी जताती हूँ
अच्छों के साथ अच्छी और बुरों के साथ बुरी बन जाती हूँ
ज्यादा समझदार तो हूँ नहीं
नेक दिली का सवाल तुम पर छोड़ती हूँ?
चालाक मैं हूँ नहीं
अच्छे बुरे को पहचान जाती हूँ
इंसानों से ज़्यादा बनती नहीं मेरी
बेज़ुबानों से नाता जोड़ लेती हूँ
लफ़्ज़ों के तीर ज़रा संभाल के रखती हूँ
खंजर न बन जाए ये ख्याल रखती हूँ
ख्वाहिशें कुछ ज्यादा नहीं
बस चार वक्त्त चाय और कुछ सूट चाहती हूँ
इस तरह से सुकून तलाश लेती हूँ
"मोरनी"

चलो आज अपनी कहानी सुनाती हूँ कैसी हूँ मैं ये तुम्हें बताती हूँ? गुस्सा ज़रा ज्यादा करती हूँ पर प्यार भी जताती हूँ अच्छों के साथ अच्छी और बुरों के साथ बुरी बन जाती हूँ ज्यादा समझदार तो हूँ नहीं नेक दिली का सवाल तुम पर छोड़ती हूँ? चालाक मैं हूँ नहीं अच्छे बुरे को पहचान जाती हूँ इंसानों से ज़्यादा बनती नहीं मेरी बेज़ुबानों से नाता जोड़ लेती हूँ लफ़्ज़ों के तीर ज़रा संभाल के रखती हूँ खंजर न बन जाए ये ख्याल रखती हूँ ख्वाहिशें कुछ ज्यादा नहीं बस चार वक्त्त चाय और कुछ सूट चाहती हूँ 😜 इस तरह से सुकून तलाश लेती हूँ 😍 "मोरनी"
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