मेरी सोच थोड़ी अलग है
इस समाज के साथ नहीं मिलती
समाज कहता है मैं घर रहूँ
और मैं चाहती हूं कमाना
समाज कहता है मेरे साथ चलो
मैं चाहती हूं ख़ुद के सांचे में ढलना
समाज कहता है मुझे रोक टोक करने दो
मैं चाहती हूं अपनी शर्तों पर जीना
समाज चाहता है मजबूर बनो
और मैं चाहती हूं उड़ना l
"मोरनी"
इस समाज के साथ नहीं मिलती
समाज कहता है मैं घर रहूँ
और मैं चाहती हूं कमाना
समाज कहता है मेरे साथ चलो
मैं चाहती हूं ख़ुद के सांचे में ढलना
समाज कहता है मुझे रोक टोक करने दो
मैं चाहती हूं अपनी शर्तों पर जीना
समाज चाहता है मजबूर बनो
और मैं चाहती हूं उड़ना l
"मोरनी"
मेरी सोच थोड़ी अलग है
इस समाज के साथ नहीं मिलती
समाज कहता है मैं घर रहूँ
और मैं चाहती हूं कमाना
समाज कहता है मेरे साथ चलो
मैं चाहती हूं ख़ुद के सांचे में ढलना
समाज कहता है मुझे रोक टोक करने दो
मैं चाहती हूं अपनी शर्तों पर जीना
समाज चाहता है मजबूर बनो
और मैं चाहती हूं उड़ना l
"मोरनी"