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मैं न झुक सकती हूं
न रुक सकती हूं
न टूट सकती हूं
न रूठ सकती हूं
जीवन पथ पर
सतत अग्रसर
मैं अपने हृदय में विश्वास
पीठ पर प्रेम और वात्सल्य
लेकर चलती हूं
याद रहे तुम्हें मैं भरोसा हूं तुम्हारा ....मोरनी
मैं न झुक सकती हूं न रुक सकती हूं न टूट सकती हूं न रूठ सकती हूं जीवन पथ पर सतत अग्रसर मैं अपने हृदय में विश्वास पीठ पर प्रेम और वात्सल्य लेकर चलती हूं याद रहे तुम्हें मैं भरोसा हूं तुम्हारा ....मोरनी
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