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  • मेवाड़ के महाराणा सज्जनसिंह एक योग्य व प्रजावत्सल शासक थे। प्रत्यक्षदर्शी कविराजा श्यामलदास ने महाराणा सज्जनसिंह के देहांत का वर्णन करते हुए लिखा कि

    "जिस रात महाराणा सज्जनसिंह इस दुनिया को छोड़ गए, मैं रातभर अपनी कोठरी में हाय विलाप करता रहा। महलों में और तमाम शहर में कोलाहल मच रहा था। सुबह को जब महाराणा साहिब की आखिरी सवारी निकाली गई, उस वक्त कर्नल वाल्टर साहिब की आंखों से आंसू बह रहे थे। हज़ारों मर्द, औरत और पांच-पांच वर्ष के छोटे बालक सब चिल्ला-चिल्लाकर रो रहे थे। इस शोक सन्ताप का ज्यादा हाल लिखने से कलेजा फटता है, इसलिए विशेष लिखने की ताकत नहीं।"

    पोस्ट लेखक :- तनवीर सिंह सारंगदेवोत
    मेवाड़ के महाराणा सज्जनसिंह एक योग्य व प्रजावत्सल शासक थे। प्रत्यक्षदर्शी कविराजा श्यामलदास ने महाराणा सज्जनसिंह के देहांत का वर्णन करते हुए लिखा कि "जिस रात महाराणा सज्जनसिंह इस दुनिया को छोड़ गए, मैं रातभर अपनी कोठरी में हाय विलाप करता रहा। महलों में और तमाम शहर में कोलाहल मच रहा था। सुबह को जब महाराणा साहिब की आखिरी सवारी निकाली गई, उस वक्त कर्नल वाल्टर साहिब की आंखों से आंसू बह रहे थे। हज़ारों मर्द, औरत और पांच-पांच वर्ष के छोटे बालक सब चिल्ला-चिल्लाकर रो रहे थे। इस शोक सन्ताप का ज्यादा हाल लिखने से कलेजा फटता है, इसलिए विशेष लिखने की ताकत नहीं।" पोस्ट लेखक :- तनवीर सिंह सारंगदेवोत
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  • मेवाड़ के महाराणा सज्जनसिंह एक योग्य व प्रजावत्सल शासक थे। प्रत्यक्षदर्शी कविराजा श्यामलदास ने महाराणा सज्जनसिंह के देहांत का वर्णन करते हुए लिखा कि

    "जिस रात महाराणा सज्जनसिंह इस दुनिया को छोड़ गए, मैं रातभर अपनी कोठरी में हाय विलाप करता रहा। महलों में और तमाम शहर में कोलाहल मच रहा था। सुबह को जब महाराणा साहिब की आखिरी सवारी निकाली गई, उस वक्त कर्नल वाल्टर साहिब की आंखों से आंसू बह रहे थे। हज़ारों मर्द, औरत और पांच-पांच वर्ष के छोटे बालक सब चिल्ला-चिल्लाकर रो रहे थे। इस शोक सन्ताप का ज्यादा हाल लिखने से कलेजा फटता है, इसलिए विशेष लिखने की ताकत नहीं।"

    पोस्ट लेखक :- तनवीर सिंह सारंगदेवोत
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  • दिल ने अपने दिल में
    छुपाकर रखी हैं किताबें

    किताबों ने छुपाकर रखें हैं
    बहुत से किरदार

    किरदारों ने छुपाकर रखी हैं
    बहुत से किस्से कहानियां

    कहानियों ने छुपाकर रखे हैं
    बहुत से जज़्बात

    जज्बातों ने छुपाकर रखे हैं
    बहुत से राज़

    राज़ छुपे ही रह सकें दिल में
    इसलिए अनपढ़ रहने दिया l
    "मोरनी"
    दिल ने अपने दिल में छुपाकर रखी हैं किताबें किताबों ने छुपाकर रखें हैं बहुत से किरदार किरदारों ने छुपाकर रखी हैं बहुत से किस्से कहानियां कहानियों ने छुपाकर रखे हैं बहुत से जज़्बात जज्बातों ने छुपाकर रखे हैं बहुत से राज़ राज़ छुपे ही रह सकें दिल में इसलिए अनपढ़ रहने दिया l "मोरनी"
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