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हरियाणा बजट विश्लेषण 2023-24

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हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने 23 फरवरी, 2023 को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य का बजट प्रस्तुत किया।

बजट के मुख्य अंश

  • 2023-24 के लिए हरियाणा का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) (मौजूदा कीमतों पर) लगभग 11.2 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें 2022-23 की तुलना में 13% की वृद्धि है।

  • 2023-24 में व्यय (ऋण चुकौतियों को छोड़कर) 1,48,730 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जो 2022-23 के संशोधित अनुमानों से 12% अधिक है। इसके अलावा 2023-24 में राज्य द्वारा 55,220 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया जाएगा।

  • 2023-24 के लिए प्राप्तियां (उधारियों को छोड़कर) 1,15,455 करोड़ रुपए होने का अनुमान है जिसमें 2022-23 के संशोधित अनुमान (99,745 करोड़ रुपए) की तुलना में 15% की वृद्धि है। 2022-23 में बजट अनुमान (1,12,585 करोड़ रुपए) से प्राप्तियां (उधार को छोड़कर) 11% कम होने का अनुमान है।

  • 2023-24 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का 1.5% (16,949 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है। 2022-23 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का 1.8% रहने की उम्मीद है जिसमें बजट अनुमान (जीएसडीपी का 1%) के मुकाबले बढ़ोतरी है।

  • 2023-24 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% (33,274 करोड़ रुपए) पर लक्षित है। 2022-23 में राजकोषीय घाटा 3.3% रहने का अनुमान है जो जीएसडीपी के 3% के बजट अनुमान से अधिक है।

नीतिगत विशिष्टताएं

  • दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना: नई योजना के तहत परिवार पहचानपत्र डेटाबेस में सत्यापित डेटा के आधार पर 1.80 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले सदस्य की मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

  • कृषि: किसानों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी जिसके तहत उन्हें ढैंचा की खेती के जरिए हरी खाद के इस्तेमाल हेतु बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार कुल लागत का 80% (720 रुपए प्रति एकड़) वहन करेगी और 20% लागत का योगदान किसान द्वारा किया जाएगा। बागवानी फसलों के लिए तीन नए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पशुपालन में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा पशुधन उत्थान मिशन शुरू किया जाएगा।

  • अक्षय ऊर्जा: 2023-24 में सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संचालित सामाजिक और सामुदायिक संस्थानों में ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप (जीसीआरटी) सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए एक नई योजना बनाई जाएगी।

  • मैन्यूफैक्चरिंग: राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के लिए खिलौना मैन्यूफैक्चरिंग नीति और चिकित्सा उपकरणों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सा उपकरण मैन्यूफैक्चरिंग नीति तैयार करेगी।

हरियाणा की अर्थव्यवस्था

  • जीएसडीपी: 2022-23 में हरियाणा की जीएसडीपी (स्थिर मूल्यों पर) पिछले वर्ष की तुलना में 7.1% बढ़ने का अनुमान है। इसकी तुलना में 2022-23 में राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में 7% की वृद्धि का अनुमान है।

  • क्षेत्र: 2022-23 में (मौजूदा कीमतों पर) कृषि, मैन्यूफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में क्रमशः 20%, 30% और 51% योगदान करने का अनुमान है।

  • प्रति व्यक्ति जीएसडीपी: 2021-22 में राज्य की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 3,04,422 रुपए है जो पिछले वर्ष की तुलना में 16% अधिक है।

  • बेरोजगारी: आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (जुलाई 2021- जून 2022) के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर 6.6% की तुलना में हरियाणा के लिए बेरोजगारी दर (वर्तमान साप्ताहिक स्थिति) 11.7% थी।

रेखाचित्र  1 : हरियाणा में स्थिर मूल्यों पर (2011-12) जीएसडीपी और विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि

 image

स्रोत: हरियाणा आर्थिक सर्वेक्षण; पीआरएस।

2023-24 के लिए बजट अनुमान

  • 2023-24 में 1,48,730 करोड़ रुपए के कुल व्यय (ऋण अदायगी को छोड़कर) का लक्ष्य रखा गया है। यह 2022-23 के संशोधित अनुमान से 12% अधिक है। इस व्यय को 1,15,455 करोड़ रुपए की प्राप्तियों (उधारियों को छोड़कर) और 26,620 करोड़ रुपए की शुद्ध उधारी के माध्यम से पूरा करने का प्रस्ताव है। 2023-24 के लिए कुल प्राप्तियों (उधार के अलावा) में 2022-23 के संशोधित अनुमान की तुलना में 16% की वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है।

  • 2023-24 में राजस्व घाटा जीएसडीपी का 1.5% (16,949 करोड़ रुपए) रहने का अनुमान है जो 2022-23 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 1.8%) से कम है। 2023-24 के लिए राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3% (33,274 करोड़ रुपए) पर लक्षित है जो 2022-23 के संशोधित अनुमान (जीएसडीपी का 3.3%) से कम है। 2023-24 के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को जीएसडीपी का 3.5% (बिजली क्षेत्र में सुधार करने के लिए 0.5% सहित) राजकोषीय घाटे की अनुमति दी है।

  • 2022-23 के संशोधित अनुमानों के अनुसार, जीएसडीपी (3.3%) के % के रूप में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान (3%) से अधिक होने का अनुमान है। यह उस वर्ष के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनुमत जीएसडीपी के 4% की सीमा के भीतर है (जिसमें से जीएसडीपी का 0.5% बिजली क्षेत्र में सुधार करने पर उपलब्ध हो जाता है)।  

तालिका 1: बजट 2023-24 के मुख्य आंकड़े (करोड़ रुपए में)

मद

 2021-22 वास्तविक 

 2022-23 बजटीय 

 2022-23 संशोधित 

 बअ 2022-23 से संअ 2022-23 में परिवर्तन का % 

2023-24 बजटीय

संअ 2022-23 से बअ 2023-24  में परिवर्तन का %

कुल व्यय

1,35,910

1,77,256

1,84,808

4.3%

2,03,950

10.4%

(-) ऋण का पुनर्भुगतान

25,473

35,052

52,336

49.3%

55,220

5.5%

शुद्ध व्यय (E)

1,10,437

1,42,204

1,32,472

-6.8%

1,48,730

12.3%

कुल प्राप्तियां

1,41,158

1,67,648

1,80,649

7.8%

2,00,295

10.9%

(-) उधारियां

55,106

55,063

80,904

46.9%

84,840

4.9%

शुद्ध प्राप्तियां (R)

86,053

1,12,585

99,745

-11.4%

1,15,455

15.8%

राजकोषीय घाटा (E-R)

24,384

29,618

32,727

10.5%

33,274

1.7%

जीएसडीपी का %

2.8%

3.0%

3.3%

 

3.0%

 

राजस्व घाटा

12,940

9,774

18,005

84.2%

16,949

-5.9%

जीएसडीपी का %

1.5%

1.0%

1.8%

 

1.5%

 

प्राथमिक घाटा

6,022

8,624

11,738

36.1%

12,024

2.4%

जीएसडीपी का %

0.7%

0.9%

1.2%

 

1.1%

 

नोट: बअ- बजट अनुमान; संअ- संशोधित अनुमान।
स्रोत: हरियाणा बजट दस्तावेज 2023-24; पीआरएस। 

2023-24 में व्यय

  • 2023-24 के लिए राजस्व व्यय 1,26,071 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो 2022-23 के संशोधित अनुमान से 10% अधिक है। इसमें वेतन, पेंशन, ब्याज, अनुदान और सबसिडी पर खर्च शामिल है।

  • 2023-24 के लिए पूंजी परिव्यय 18,460 करोड़ रुपए प्रस्तावित है जो 2022-23 के संशोधित अनुमान से 26% अधिक है। पूंजी परिव्यय संपत्ति के निर्माण की दिशा में व्यय है। 2022-23 में पूंजी परिव्यय बजट अनुमानों की तुलना में 34% कम है। यह शहरी विकास (77%), ग्रामीण विकास (68%) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (29%) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कम खर्च के कारण है।

  • 2023-24 में राज्य द्वारा दिए गए ऋण और अग्रिम 4,198 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है जो 2022-23 के संशोधित अनुमान (2,819 करोड़ रुपए) से 49% अधिक है।

राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (एसपीएसई)

कैग (2022) ने कहा कि 2020-21 में 11 एसपीएसई को शुद्ध घाटा हुआ। ये घाटा 2018-19 में 37 करोड़ रुपए से बढ़कर 2020-21 (कोविड-19 की शुरुआत) में 426 करोड़ रुपए हो गया। 426 करोड़ रुपए में से 84% घाटा हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड और हरियाणा विद्युत प्रसार निगम लिमिटेड के कारण हुआ है।

तालिका 2: बजट 2023-24 में व्यय (करोड़ रुपए में)

मद

2021-22 वास्तविक

2022-23 बजटीय

2022-23 संशोधित

बअ 2022-23 से संअ 2022-23 में परिवर्तन का %

2023-24 बजटीय

संअ 2022-23 से बअ 

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