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  • जीतूंगा मैं ही, यह ख़ुद से वादा करें। जितना सोचते हैं, कोशिश उससे ज्यादा कुछ नेकियाँ और कुछ अच्छाइयां, अपने जीवन में ऐसी भी करनी चाहिए, जिनका 'ईश्वर' के सिवाय, कोई और गवाह् ना सफल रिश्तों का यही उसूल है: वो सब भूलें जो ?दिल समंदर जैसा रखे, नदियां सामनेसे मिलने आएगी।

    कुछ नेकियाँ और कुछ अच्छाइयां, अपने जीवन में ऐसी भी करनी चाहिए, जिनका 'ईश्वर' के सिवाय, कोई और गवाह् ना हो।

    सफल रिश्तों का यही उसूल है: वो सब भूलें जो फिजूल भिखारी – बाबू मुझे 300 रूपए दे दो रमेश – अबे भिखारी, 300 रूपए क्यों मांग रहा है भिखारी – बाबू मैं अपने परिवार वालों से बिछड़ गया हूँ रमेश – अच्छा कहाँ है तेरा परिवार ?? भिखारी – वो …संता (भीख मांगते हुए) – कुछ दे दे बाबा बंता – ये लो 10 रुपये और मुझे आशीर्वाद दो कि मेरी नौकरी लग जाये संता – कौन सी पढाई की है बच्चा बंता – इंजीनियरिंग की संता – . . …संता स्कूटर स्टार्ट कर रहा था भिखारी – भगवान के नाम पे कुछ दे दे बेटा संता – क्या दूँ बाबा ? भिखारी – जो तेरी इच्छा हो वो दे दे बाबा संता – . . . . तो नीचे …भिखारी – मैं बहुत गरीब हूँ
    मेरे पास सिर्फ एक पाई है

    आदमी – तुम्हारे पास खाने के भी पैसे नहीं है

    भिखारी – नहीं सिर्फ एक पाई है

    आदमी – अगर मैं तेरी जेब में 3 पाई और रख दूँ
    फिर तुम खुश रहोगे ना

    भिखारी – नहीं फिर तो मेरी जेब ही फट जाएगी

    आदमी – कैसे

    भिखारी – अरे जेब में चार पाई कैसे आयेगी जब पिंकू पैदा हुआ तो संता डॉक्टर से सलाह लेने गया कि बच्चों की देखभाल कैसे की जाए.

    डॉक्टर: बच्चे को पानी देने से पहले उबाल लेना चाहिए.

    संता: लेकिन डॉक्टर साहब, उबालने से बच्चा जल नहीं जाएगा !!पप्पू मंदिर के बाहर टहल रहा था भिखारी – बेटा तेरी जोड़ी सलामत रहे पप्पू – अंकल मैं तो सिंगल हूँ भिखारी – मैं जूतों की जोड़ी की बात कर रहा हूँ बेटा पप्पू बेहोश
    जीतूंगा मैं ही, यह ख़ुद से वादा करें। जितना सोचते हैं, कोशिश उससे ज्यादा कुछ नेकियाँ और कुछ अच्छाइयां, अपने जीवन में ऐसी भी करनी चाहिए, जिनका 'ईश्वर' के सिवाय, कोई और गवाह् ना सफल रिश्तों का यही उसूल है: वो सब भूलें जो ?दिल समंदर जैसा रखे, नदियां सामनेसे मिलने आएगी। कुछ नेकियाँ और कुछ अच्छाइयां, अपने जीवन में ऐसी भी करनी चाहिए, जिनका 'ईश्वर' के सिवाय, कोई और गवाह् ना हो। सफल रिश्तों का यही उसूल है: वो सब भूलें जो फिजूल भिखारी – बाबू मुझे 300 रूपए दे दो रमेश – अबे भिखारी, 300 रूपए क्यों मांग रहा है भिखारी – बाबू मैं अपने परिवार वालों से बिछड़ गया हूँ रमेश – अच्छा कहाँ है तेरा परिवार ?? भिखारी – वो …संता (भीख मांगते हुए) – कुछ दे दे बाबा बंता – ये लो 10 रुपये और मुझे आशीर्वाद दो कि मेरी नौकरी लग जाये संता – कौन सी पढाई की है बच्चा बंता – इंजीनियरिंग की संता – . . …संता स्कूटर स्टार्ट कर रहा था भिखारी – भगवान के नाम पे कुछ दे दे बेटा संता – क्या दूँ बाबा ? भिखारी – जो तेरी इच्छा हो वो दे दे बाबा संता – . . . . तो नीचे …भिखारी – मैं बहुत गरीब हूँ मेरे पास सिर्फ एक पाई है आदमी – तुम्हारे पास खाने के भी पैसे नहीं है भिखारी – नहीं सिर्फ एक पाई है आदमी – अगर मैं तेरी जेब में 3 पाई और रख दूँ फिर तुम खुश रहोगे ना भिखारी – नहीं फिर तो मेरी जेब ही फट जाएगी आदमी – कैसे भिखारी – अरे जेब में चार पाई कैसे आयेगी 🙂 😉जब पिंकू पैदा हुआ तो संता डॉक्टर से सलाह लेने गया कि बच्चों की देखभाल कैसे की जाए. डॉक्टर: बच्चे को पानी देने से पहले उबाल लेना चाहिए. संता: लेकिन डॉक्टर साहब, उबालने से बच्चा जल नहीं जाएगा !!पप्पू मंदिर के बाहर टहल रहा था भिखारी – बेटा तेरी जोड़ी सलामत रहे पप्पू – अंकल मैं तो सिंगल हूँ भिखारी – मैं जूतों की जोड़ी की बात कर रहा हूँ बेटा पप्पू बेहोश
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